इन देशों में बलात्कार करने वालों को मिलती है ऐसी सजा, जानकर कांप उठेगी रूह







दुनिया भर में रोज़ बलात्कार और छेड़छाड़ के मामले बढ़ते जा रहे हैं। इन सबके पीछे राजनेता, पुलिस और समाज के अनेक संगठन अलग-अलग तर्क रखते हैं। बलात्कार के जितने भी कारण हों, पर उन कारणों में सबसे अहम है, आरोपियों को मिलने वाली सज़ा का कम होना।  आज हम बताते हैं दुनिया के कुछ प्रमुख देशों में महिलाओं के साथ होने वाली यौन हिंसा को रोकने के लिए क्या-क्या प्रावधान हैं,उसके बारे में बताने जा रहे हैं।

अमेरिका



अमेरिका के  राज्यों में रेप की अलग-अलग परिभाषा है। यहां आपको 10 साल से लेकर आजीवन कारावास की सज़ा, रेप का इल्ज़ाम साबित होने पर हो सकती है। अमेरिकी समाज में सम्बन्ध बनाने से पहले पार्टनर की सहमति लेने पर ज़्यादा जोर दिया जाता है।

सऊदी अरब



 सऊदी अरब अपने कठोर कानून व्यवस्था के लिए जाना जाता है। यहां रेप करने पर अपराधी को मौत की सजा देने का प्रावधान है, लेकिन यहां पर रेप की शर्तों को साबित करना काफ़ी जटिल काम है। साथ ही रेप का आरोप साबित न होने पर शिकायत करने वाली महिला के लिए भी सजा का प्रावधान किया गया है।

भारत



  भारत में रेप की बढ़ती वारदातों को देखते हुए कुछ समय से काफ़ी बदलाव किये गये हैं। इस समय रेप के लिए 7 साल से लेकर उम्रकैद का प्रावधान है। कुछ विशेष मामलों में जैसे कि रिश्तेदार या अध्यापक द्वारा, पुलिस कस्टडी में रेप होने पर 10 साल से उम्रकैद का प्रावधान है। रेप की घटना के दौरान अगर पीड़ित की मौत हो जाती है, तो अपराधी पर मौत का केस भी चलता है, जहां उसे सजा-ए-मौत भी दी जा सकती है। 

स्वीडन





स्वीडन की बात करें तो इस देश में अगर जबरदस्ती आप किसी के कपड़े उतारते हैं, तो आपको दो साल की सजा हो सकती है।यहां रेप की परिभाषा को काफ़ी विस्तृत बनाया गया है।  सोते समय या नशे की हालत में किसी की साथ बनाये गये यौन सम्बन्ध को भी रेप की श्रेणी में रखा जाता है।  इटली  में भी रेप की बढ़ती वारदातों को देखते हुए वर्ष 1996 में कानून में काफ़ी बदलाव किये गये। यहां पर पत्नी के साथ जबरदस्ती यौन सम्बन्ध बनाना भी रेप की कैटेगरी में आता है, जिसके लिए आपको 10 साल तक की सजा हो सकती है। जर्मनी में कुछ समय पहले ही सहमति के बिना अंगों को छूने, टटोलने और दबोचने को यौन हिंसा में शामिल किया गया है। यहां पर लेकिन अगर रेप करते समय कोई विरोध न किया जाये तो उसे रेप की कैटेगरी में शामिल नहीं किया जाता है। 

फ्रांस

'france'


 फ्रांस की बात करें तो यहां  यौन हिंसाओं को लेकर काफ़ी जागरूकता को देखते हुए कानून में अनेक प्रावधान किये गये हैं। यहां पर तो आपको किसी को गाली निकालने पर भी दो साल तक की सजा हो सकती है। यहां पर रेप करने पर आपको 20 साल तक की सज़ा हो सकती है।